January 25, 2026
Kumari Selja on MGNREGA: फतेहाबाद में केंद्र सरकार पर बड़ा हमला, मनरेगा को बताया गरीबों की जीवनरेखा
फतेहाबाद (Media Jagat Desk): हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गाँव बनगांव में आज सियासी पारा उस वक्त चढ़ गया, जब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की महासचिव और सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा (Kumari Selja) ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को कमजोर करने की कोशिश ग्रामीण भारत की आत्मा पर प्रहार है।
'मनरेगा बचाओ - काम का अधिकार बचाओ' अभियान के तहत आयोजित एक विशाल पंचायत को संबोधित करते हुए कुमारी सैलजा ने कहा कि मनरेगा महज एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों के लिए 'जीवनरेखा' (Lifeline) है।
क्यों नाराज हैं ग्रामीण और मनरेगा मजदूर?
कुमारी सैलजा ने अपने संबोधन में उन तकनीकी और प्रशासनिक मुद्दों को उठाया जो आज हर ग्रामीण मजदूर की समस्या बन गए हैं। मीडिया जगत (MediaJagat) द्वारा जुटाई गई जानकारी के अनुसार, सांसद ने डिजिटल अटेंडेंस (NMMS App) और आधार लिंक्ड पेमेंट सिस्टम में आ रही दिक्कतों को प्रमुखता से उजागर किया।
उन्होंने कहा, "डिजिटल सत्यापन की जटिलताओं और बजट में कमी के चलते मजदूरों को समय पर पैसा नहीं मिल रहा है। पहले ग्राम पंचायतों को अधिकार था कि वे अपने गाँव के विकास का खाका खींचें, लेकिन अब दिल्ली में बैठे अफसर गाँव के फैसले ले रहे हैं। यह पंचायती राज की स्वायत्तता खत्म करने जैसा है।"
कोरोना काल का सहारा, अब हो रहा बेसहारा
संबोधन के दौरान एक भावुक अपील करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने याद दिलाया कि जब कोरोना महामारी (COVID-19) के दौरान सारे उद्योग-धंधे बंद थे, तब इसी मनरेगा ने करोड़ों लोगों के घर का चूल्हा जलने में मदद की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अब इसे सुनियोजित तरीके से खत्म करना चाहती है।
सांसद ने मंच से कांग्रेस पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए सरकार के सामने ये मांगें रखीं:
काम मांगने के कानूनी अधिकार के साथ कोई छेड़छाड़ न हो।
मजदूरों को समय पर और सम्मानजनक न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wage) मिले।
ऑनलाइन हाजिरी की जटिल शर्तों को हटाया जाए।
ग्राम पंचायतों के छीन लिए गए अधिकारों को बहाल किया जाए।
ग्राम सभा ने लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और हजारों ग्रामीणों ने हाथ उठाकर संकल्प लिया कि वे 'काम के अधिकार' की रक्षा के लिए एकजुट रहेंगे। ग्राम सभा ने मनरेगा को बचाने के लिए एक प्रस्ताव भी पारित किया।
ये रहे मौजूद: इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष अरविंद शर्मा, विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया, पूर्व विधायक प्रहलाद सिंह गिलाखेड़ा, जयपाल सिंह लाली, गुरदीप सिंह चहल समेत कई वरिष्ठ नेता और हजारों की संख्या में मनरेगा मजदूर, महिलाएं और युवा मौजूद रहे।
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