February 26, 2026
बड़ा मुकाम: हरियाणा में दौड़ी देश की पहली 'हाइड्रोजन ट्रेन', 70 किमी/घंटा की रफ्तार से ट्रायल रहा सुपर हिट!
जींद (Media Jagat Desk): भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने प्रदूषण मुक्त सफर और ग्रीन एनर्जी की दिशा में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। देश की पहली 'हाइड्रोजन ट्रेन' (Hydrogen Train) का हरियाणा में बुधवार को रनिंग ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
जींद रेलवे स्टेशन से ललितखेड़ा स्टेशन तक लगभग 20 किलोमीटर के ट्रैक पर इस आधुनिक ट्रेन ने अपनी रफ्तार और तकनीक का शानदार प्रदर्शन किया। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों और तकनीकी टीम ने इस ट्रायल को पूरी तरह से संतोषजनक (Satisfactory) बताया है।
70 किमी. प्रति घंटा की रही शानदार रफ्तार जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह 7 बजे इस हाइड्रोजन ट्रेन को यार्ड से बाहर निकाला गया। शुरुआत में इसे डीजल इंजन की मदद से हांसी रोड पुल के नीचे लाया गया। इसके बाद ट्रेन को वापस जींद जंक्शन पर लाया गया और सुबह 8:25 बजे यह सोनीपत की ओर रवाना हुई।
सुबह 8:40 बजे ट्रेन पिंडारा पहुंची। असली परीक्षण यहीं से शुरू हुआ! पिंडारा में डीजल इंजन को हटा दिया गया और ट्रेन को पूरी तरह से हाइड्रोजन इंजन (Hydrogen Power) पर ललितखेड़ा तक दौड़ाया गया। इन दोनों स्टेशनों के बीच ट्रेन ने दो बार चक्कर लगाए, जिसमें इसकी स्पीड 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक मापी गई।
तकनीकी टीम की रही पैनी नजर पिंडारा से ललितखेड़ा तक हाइड्रोजन इंजन से सफल ट्रायल के बाद, गोहाना से आगे मोहाना स्टेशन तक ट्रेन को फिर से डीजल इंजन के साथ ले जाया गया। अंत में मोहाना से ट्रेन को वापस जींद लाया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान रेलवे की स्पेशल तकनीकी टीम (Technical Team) ट्रेन के हर मूवमेंट, स्पीड और इंजन के प्रदर्शन पर बारीकी से नज़र रखे हुए थी।
क्या है हाइड्रोजन ट्रेन की खासियत? हाइड्रोजन ट्रेनें पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) होती हैं। ये डीजल की बजाय हाइड्रोजन फ्यूल सेल से बिजली पैदा करके चलती हैं, जिससे धुएं की जगह सिर्फ पानी की भाप निकलती है। भारत सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में हेरिटेज और पहाड़ी रूट्स पर ऐसी ट्रेनें चलाने का है। हरियाणा के जींद से शुरू हुआ यह ट्रायल देश के परिवहन क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत है।
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