फतेहाबाद/बनगांव (मीडिया जगत ब्यूरो): "जिस पर परमात्मा की विशेष कृपा होती है, वही कथा मंडप तक पहुंच पाता है।" यह अमृत वचन फतेहाबाद के श्री कृष्ण प्रणामी गौशाला (Shri Krishna Pranami Gaushala) बनगांव में गूंजे, जहां श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का भव्य आयोजन चल रहा है।
भक्तिमय माहौल में मुख्य कथावाचक स्वामी श्री राजेंद्रानंद जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भागवत कथा केवल एक कहानी नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला (Art of Living) है।
ज्ञान और वैराग्य को जगाती है कथा
प्रवचन करते हुए स्वामी जी ने कहा कि जीव ईश्वर का ही अंश है, लेकिन वह माया में फंसकर ईश्वर को पहचानने की कोशिश नहीं करता, इसीलिए उसे सच्चा आनंद नहीं मिलता।
उन्होंने कहा, "भागवत के अलावा कोई ऐसा ग्रंथ नहीं है जो मात्र 7 दिनों में मनुष्य को मुक्ति का मार्ग दिखा सके। हमारे भीतर ज्ञान और वैराग्य सोए हुए हैं, जिन्हें यह कथा जागृत करती है।"
इस पावन अवसर पर बनगांव गुफा धाम से श्री आत्माराम गिरी जी महाराज भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
सतबीर पखाला ने की गौसेवा, दिए 51 हजार रुपये
कथा समारोह में प्रसिद्ध समाजसेवी और जिला परिषद वार्ड नंबर 3 से भावी उम्मीदवार सतबीर सिंह पखाला (Satbir Singh Pakhala) मुख्य यजमान के तौर पर पहुंचे। उन्होंने गौशाला में 51,000 रुपये की सहयोग राशि भेंट की। सतबीर पखाला ने कहा, "गौसेवा ही सबसे बड़ी सेवा है। गौमाता में सभी देवी-देवताओं का वास होता है।" उन्होंने ग्राम पंचायत बनगांव के श्रद्धालुओं को भविष्य में भी हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
आयोजकों ने किया सम्मान
समारोह में गौशाला के प्रधान धर्मपाल जी बूगलिया और अन्य आयोजकों ने मुख्य अतिथि सतबीर पखाला को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर सचिव रघुबीर ढाका, कोषाध्यक्ष बंसी लाल बगडिया, बलवान फगेडिया, पूर्व प्रधान सुभाष चंद्र ढाका, रामकुमार देवना, सुभाष भिगासरा, ब्लॉक समिति मेंबर मदन लाल, मुकेश कुमार, धर्मपाल रिणवा और रामसिंह ढाका सहित समस्त ग्रामवासी मौजूद रहे।