February 23, 2026
Haryana News: SC कर्मचारियों के प्रमोशन में आरक्षण पर फिर अटका पेंच! ग्रुप A और B के अधिकारियों को करना होगा और इंतजार
चंडीगढ़ (Media Jagat Desk): हरियाणा में सरकारी नौकरी कर रहे अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के ग्रुप 'A' और 'B' के अधिकारियों को प्रमोशन (पदोन्नति) में 20 प्रतिशत आरक्षण के लिए अभी और लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के हालिया निर्देश के बाद प्रदेश सरकार इस मामले पर अभी भी मंथन के दौर से गुजर रही है।
सोमवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान यह मुद्दा जोर-शोर से गूंजा, जहां सरकार ने स्पष्ट किया कि इस विषय पर तत्काल प्रभाव से कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता है।
विधानसभा में गूंजा मुद्दा: विधायक रेनू बाला ने पूछे तीखे सवाल सढौरा (Sadhaura) से विधायक रेनू बाला ने विधानसभा में यह अहम मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से पदोन्नति में आरक्षण नीति की वर्तमान स्थिति और इस पर लिए गए फैसलों की स्पष्ट जानकारी मांगी। विधायक के सवालों का जवाब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने सदन में दिया।
क्या है पूरा मामला और हाईकोर्ट का निर्देश? (The Legal Hurdle) सदन को जानकारी देते हुए मंत्री पंवार ने बताया कि हरियाणा सरकार ने 7 अक्टूबर 2023 को एक आदेश जारी कर ग्रुप A और B के अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रमोशन में 20 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की थी।
कोर्ट में चुनौती: सरकार की इस नीति को 'कमलजीत सिंह एवं अन्य बनाम हरियाणा सरकार' (CWP नंबर 24608/2023) के जरिए हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।
हाईकोर्ट का फैसला: 1 अप्रैल 2025 को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने याचिका को तो निरस्त कर दिया, लेकिन राज्य सरकार को एक सख्त निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि SC कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण देने से पहले सरकार को 'क्रीमी लेयर' (Creamy Layer) के सिद्धांत का पालन करना सुनिश्चित करना होगा।
अपील या नई नीति? सरकार कर रही विचार कैबिनेट मंत्री ने बताया कि सरकार फिलहाल इस बात पर कानूनी राय ले रही है कि हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ अपील दायर की जाए या फिर कोर्ट के निर्देशानुसार क्रीमी लेयर को लागू किया जाए। हालांकि, उन्होंने यह भी याद दिलाया कि सरकार के निर्देशों के तहत ग्रुप 'C' और 'D' के कर्मचारियों को पहले से ही पदोन्नति में 20 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल रहा है।
विधायक असंतुष्ट: "बिना लाभ लिए रिटायर हो रहे अधिकारी" सरकार के इस जवाब से विधायक रेनू बाला ने गहरी असंतुष्टि जताई। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले को आए हुए लगभग एक साल बीतने को है, लेकिन ना तो इसे लागू किया गया और ना ही कोई अपील दायर की गई। सरकार की इस लेटलतीफी के कारण कई योग्य अधिकारी और कर्मचारी पदोन्नति का लाभ लिए बिना ही सेवानिवृत्त (Retire) हो चुके हैं।
इस पर मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने आश्वासन दिया कि सरकार इस गंभीर विषय पर जल्द ही एक उच्च स्तरीय बैठक करेगी और अगला फैसला लेगी।