February 11, 2026
Haryana Women Scheme: महिलाओं के लिए खुशखबरी! फ्री में सीखें ड्राइविंग, साथ में मिलेंगे ₹1000; 28 फरवरी तक है मौका
कैथल/चंडीगढ़ (Media Jagat Bureau): हरियाणा में महिलाओं को 'आत्मनिर्भर' और 'सशक्त' बनाने की दिशा में सरकार ने एक और बेहतरीन कदम उठाया है। अगर आप हरियाणा की रहने वाली हैं और ड्राइविंग सीखकर अपने पैरों पर खड़ी होना चाहती हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है।
हरियाणा महिला विकास निगम (Haryana Women Development Corporation) ने महिलाओं के लिए 21 दिवसीय फ्री ड्राइविंग और सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग (Self Defense Training) शुरू की है। कैथल की डीसी (DC) अपराजिता ने इस योजना की जानकारी देते हुए पात्र महिलाओं से आवेदन मांगे हैं।
कहाँ मिलेगी ट्रेनिंग? यह ट्रेनिंग कैथल स्थित अशोक लेलैंड ड्राइविंग ट्रेनिंग संस्थान (Ashok Leyland Driving Training Institute) में दी जाएगी। यहाँ न केवल गाड़ी चलाना सिखाया जाएगा, बल्कि महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर भी सिखाए जाएंगे ताकि वे सुरक्षित महसूस कर सकें।
फ्री ट्रेनिंग के साथ वजीफा भी! सबसे खास बात यह है कि यह ट्रेनिंग पूरी तरह मुफ्त है। इतना ही नहीं, ट्रेनिंग पूरी करने वाली प्रत्येक महिला को सरकार की तरफ से ₹1000 का वजीफा (Stipend) भी दिया जाएगा।
कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता शर्तें) इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी होनी चाहिए:
निवास: आवेदक हरियाणा की स्थायी निवासी हो।
आय सीमा: परिवार पहचान पत्र (Family ID) में वार्षिक आय ₹1.80 लाख या उससे कम होनी चाहिए (BPL श्रेणी)।
आयु: 18 से 45 वर्ष के बीच।
शिक्षा: कम से कम 12वीं पास होना अनिवार्य है। (ग्रेजुएशन वालों को प्राथमिकता मिलेगी)।
लाइसेंस: आवेदक के पास वैध लर्नर लाइसेंस (Learner License) होना जरूरी है।
स्वास्थ्य: आंखों की रोशनी सही होनी चाहिए और कलर ब्लाइंडनेस (Color Blindness) नहीं होनी चाहिए।
आवेदन कैसे और कब तक करें? इच्छुक महिलाएं 28 फरवरी 2026 तक अपना आवेदन जमा कर सकती हैं। आवेदन के तीन तरीके हैं:
ई-मेल द्वारा: अपने दस्तावेजों की सत्यापित कॉपी स्कैन करके विभाग की ईमेल आईडी पर भेजें।
डाक द्वारा: फॉर्म भरकर रजिस्टर्ड डाक से भेजें।
सीधे जमा करें: जिला कार्यालय में जाकर खुद भी फॉर्म जमा करवा सकती हैं।
आवेदन पत्र में अपना मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और सक्षम अधिकारी द्वारा जारी सभी प्रमाण पत्रों की फोटोकॉपी लगाना न भूलें।
अधिकारियों का कहना है: डीसी अपराजिता ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाली महिलाओं को कौशल प्रदान कर रोजगार के अवसर दिलाना है।
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