May 13, 2023 Fatehabad Dussehra Fail: गजब हो गया! 😱 'महंगाई' से नाराज रावण ने खड़े होने से किया इनकार, विधायक को 'लेटे-लेटे' करना पड़ा दहन 🔥

फतेहाबाद (मीडिया जगत ब्यूरो): हरियाणा के इतिहास में आज दशहरे पर वह हुआ, जो शायद पहले कभी नहीं देखा गया। फतेहाबाद के हुड्डा सैक्टर 10 में सर्व समाज हित प्रिय कमेटी की ओर से मनाए जा रहे दशहरा पर्व के मौके पर पहले तो 40 फुट के रावण के पुतले को खड़ा करने की प्रक्रिया ही शाम को सूरज ढलने के आसपास शुरू हुई दशहरा मेले में 'बुराई के प्रतीक' रावण ने इस बार जलने से पहले ही हार मान ली... या यूं कहें कि 'रावण महाराज' ने खड़े होने से ही साफ इनकार कर दिया! 🛑

सर्व समाज हित प्रिय कमेटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में स्थिति तब हास्यास्पद हो गई, जब 40 फुट ऊंचा रावण का पुतला खड़ा करते समय बीच से ही टूट गया और अंततः मुख्य अतिथि को लेटे हुए रावण का ही दहन करना पड़ा।

🏗️ क्रेन भी हो गई फेल, टूट गई रावण की कमर

कोरोना काल के बाद लगभग 2 साल बाद आज दशहरा मेला देखने के लिए मेला ग्रांउड में लोगों का हुजूम उमड़ रहा था, जिनमें रावण दहन देखने की लालसा बनी हुई थी। परंतु स्थिति हास्यास्पद तब हो गई, जब क्रेन की मदद से रावण के पुतले को खड़ा कर रहे आयोजक नाकाम रहे। और पुतला बीच में कमर की जगह से टूट गया और सिर पीछे की ओर झुक गई। फिर सूरज के ढलने के भी लगभग आधे घण्टे बाद जैसे-तैसे पुतले को क्रेन की मदद से आड़ा-टेढ़ा खड़ा किया गया और आतिशबाजी शुरू हुई। 

कोरोना काल के बाद करीब 2 साल बाद दशहरा मेला देखने उमड़ी हजारों की भीड़ उस वक्त हैरान रह गई, जब शाम को रावण के पुतले को क्रेन से खड़ा करने की कोशिश शुरू हुई।

  • 👉 मशक्कत: कारीगर और आयोजक पसीना बहाते रहे, लेकिन पुतला खड़ा नहीं हो पाया।

  • 👉 हादसा: खींचतान में पुतला कमर के पास से टूट गया और उसकी गर्दन पीछे लटक गई।

  • 👉 जुगाड़: सूरज ढलने के आधे घंटे बाद जैसे-तैसे उसे आड़ा-टेढ़ा खड़ा किया गया और आतिशबाजी शुरू हुई, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

🔥 विधायक के आते ही फिर गिर पड़े 'लंकेश'

शोभायात्रा भी देरी से पहुंची और जैसे ही मुख्य अतिथि विधायक दुड़ाराम (MLA Dura Ram) रिमोट से दहन करने के लिए आगे बढ़े, रावण का पुतला धड़ाम से जमीन पर आ गिरा। मजबूरन, विधायक को जमीन पर लेटे हुए रावण को ही अग्नि देनी पड़ी। यह नजारा देख वहां मौजूद लोग अपनी हंसी नहीं रोक पाए, वहीं आयोजकों के चेहरे उतर गए।

🚨 जली लकड़ियां लूटने के लिए भगदड़

रावण दहन... या कहें 'रावण पतन' के बाद, लोग पुतले की अधजली लकड़ियां (जो शुभ मानी जाती हैं) ले जाने के लिए टूट पड़े। भीड़ बेकाबू हो गई

🤔 जनता बोली- "अकेले आए थे, इसलिए नाराज हो गए रावण"

इस पूरी घटना पर लोगों ने जमकर चुटकियां लीं।

  • कुछ का कहना था कि महंगाई की मार के कारण आयोजकों ने कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले नहीं बनाए, जिससे रावण 'अकेला' महसूस कर रहा था और नाराज होकर गिर गया।

  • वहीं, बुजुर्गों का कहना था कि शास्त्रीय मर्यादा के अनुसार दहन सूर्यास्त से पहले होना चाहिए था, जो नहीं हुआ।

कुल मिलाकर, फतेहाबाद का यह दशहरा पर्व अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया और एक 'मजाक' बनकर रह गया।

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